भोपाल में अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय
हमारा दूसरा विश्वविद्यालय भोपाल में शुरु हो चुका है। अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय भोपाल में डिप्लोमा और डिग्री प्रोग्राम के लिए प्रवेश दिए जा रहे हैं। और पढ़ें
स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आगे बढ़ते हमारा काम
इस क्षेत्र में अपने काम को आगे बढ़ाते हुए हमने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए मदद करने से शुरूआत की । यह अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल में पब्लिक हेल्थ (एमपीएच) में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के साथ-साथ जारी है। हम अस्पतालों और एनजीओ के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, ताकि सबसे कमज़ोर समुदायों […]
कोविड-19 को दौरान…
कोविड-19 के चलते भारत में स्वास्थ्य और अन्य तरह की समस्याएँ सामने आईं। इस आपदा से बाहर निकलने के लिए हमने समाज-लोगों की आगे बढ़कर मदद की।
ग्रांट्स
चित्र साभार – पुरुषोत्तम ठाकुर हम अलग-अलग मुद्दों पर काम कर रहे गैर-लाभकारी तथा नागरिक समाज संगठनों को वित्तीय अनुदान देते हैं। हमारी ओर से मिलने वाला वित्तीय अनुदान उनके कामों में मददगार होता है। यह असुरक्षित और हाशिये पर पड़े लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के हमारे मकसद को पूरा करने की ओर […]
अज़ीम प्रेमजी स्कूल
पहले अज़ीम प्रेमजी स्कूल की स्थापना 2012 में हुई थी। भारत भर में स्कूलों के एक मॉडल के तौर पर पहले अज़ीम प्रेमजी स्कूल को स्थापित किया गया। यह देश में K-12 शिक्षा (किंडरगार्टेन से 12वीं तक) की गुणवत्ता पर हमारे आदर्शों का मूर्त रूप है। अब हम चार राज्यों में ऐसे 9 स्कूल चला […]
फ़ील्ड संस्थाएँ
ज़मीन स्तर पर काम करते हुए हम भारत में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इस काम में हम देश के पिछड़े इलाकों पर ज़्यादा ध्यान देते हैं। और पढ़ें
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलूरु
हमारा पहला विश्वविद्यालय 2010 में शुरु किया गया था। यह विश्वविद्यालय शिक्षा और विकास क्षेत्रों में योग्य, जानकार पेशेवरों को बढ़ावा देने और प्रशिक्षण की एक बेहतरीन जगह की तरह शुरु किया गया है। और पढ़ें
स्कूली शिक्षा में प्रोग्राम स्तर पर का हस्तक्षेप
इस दौरान हमने कई कार्यक्रमों के ज़रिए स्कूलों तक बच्चों की पहुँच, उनके दाखिले और उन्हें शिक्षा में बनाए रखने को बढ़ावा देने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने पर काम किया। और पढ़ें
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन की औपचारिक शुरुआत
देश के विकास में एक महत्त्वपूर्ण और लंबे समय तक योगदान देने के नज़रिए और मकसद के साथ अज़ीम प्रेमजी ने 2001 में फ़ाउण्डेशन की शुरुआत की थी।